देश के किसान एक ओर जहां अनावृष्टि की वजह से परेशान हैं, तो आम जनता महंगाई से त्रस्त है. आम तौर पर बरसात के दिनों में झमाझम बारिश किसानों की बांछें खिल जाया करती थीं, लेकिन इस साल बारिश के धोखा दे देने की वजह से किसानों की पेशानी पर भी चिंता की लकीरें नजर आ रही हैं.
सावन बीत गया है और भादो भी बीतनेवाला है, लेिकन इंद्र देवता की नाराजगी दूर होती नजर नहीं आ रही है. देश में कमजोर बािरश होने की वजह से एक ओर जहां हरी सब्जियों की कीमतें आसमान छू रही हैं, तो खाद्यान्न के दाम भी अपनी ऊंचाई छू रहे हैं.
हालांकि, अंतराष्ट्रीय बाजारों में तेल की कीमतों में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है, लेकिन सरकार फायदा आम आदमी को देने के बजाय तेल कंपनियों को पहुंचा रही है. देश में महंगाई से आमजन त्रस्त है, लेिकन सरकार को इसकी फिक्र नहीं है.
– किशन अग्रवाल, रांची
