अस्पतालों में नहीं है एंटीवेनम का टीका

अक्सर समाचार पत्रों में सर्पदंश की खबरें पढ़ने को मिल ही जाती हैं. खास करके झारखंड के ग्रामीण इलाकों में जहरीले सांपों का प्रकोप अधिक है. यह इस राज्य के निवासियों का दुर्भाग्य ही है कि यहां के किसी भी बड़े-छोटे सरकारी अस्पतालों में एंटीवेनम का टीका उपलब्ध नहीं है. निजी अस्पतालों में चिकित्सा काफी […]

अक्सर समाचार पत्रों में सर्पदंश की खबरें पढ़ने को मिल ही जाती हैं. खास करके झारखंड के ग्रामीण इलाकों में जहरीले सांपों का प्रकोप अधिक है. यह इस राज्य के निवासियों का दुर्भाग्य ही है कि यहां के किसी भी बड़े-छोटे सरकारी अस्पतालों में एंटीवेनम का टीका उपलब्ध नहीं है. निजी अस्पतालों में चिकित्सा काफी खर्चीला होने से ग्रामीण इलाके का गरीब आदमी वहां जाना नहीं चाहता. सरकारी अस्पतालों से आस टूटने के बाद ग्रामीण इसके उपचार के लिए सीधे ओझा-गुणियों के पास जाते हैं.
इसी का नतीजा है कि सर्पदंश के शिकार ज्यादातर लोगों की जानें चली जाती हैं. हालांकि, राज्य के राजनेता लोगों के सामने विकास के लंबे-चौड़े वायदे करते हैं, लेकिन उनकी नजर इन बुनियादी जरूरतों पर नहीं जा रही है. सरकार से आग्रह है कि वह सरकारी अस्पतालों में एंटी वेनम उपलब्ध कराये.
गौतम कर, गालूडीह, पू सिंहभूम

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