दूसरे राज्यों के भरोसे शिक्षा-चिकित्सा

झारखंड के लोगों को यदि बेहतर शिक्षा और चिकित्सा की जरूरत पड़ती है, तो उन्हें दूसरे राज्यों की ओर रुख करना पड़ता है. राज्य के सरकारी स्कूलों से लेकर विश्वविद्यालयों तक में शिक्षकों का अभाव है. निकट भविष्य में स्कूल-कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में शिक्षकों और प्राध्यापकों की नियुक्ति की संभावना नहीं है. राज्य में प्रस्तावित […]

झारखंड के लोगों को यदि बेहतर शिक्षा और चिकित्सा की जरूरत पड़ती है, तो उन्हें दूसरे राज्यों की ओर रुख करना पड़ता है. राज्य के सरकारी स्कूलों से लेकर विश्वविद्यालयों तक में शिक्षकों का अभाव है.
निकट भविष्य में स्कूल-कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में शिक्षकों और प्राध्यापकों की नियुक्ति की संभावना नहीं है. राज्य में प्रस्तावित भारतीय विज्ञान शिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान, अल्बर्ट एक्का जारी प्रखंड, गुमला में सैनिक स्कूल आदि की आज तक स्थापना नहीं की जा सकी है.
इसी तरह चिकित्सा के क्षेत्र में भी लोगों को समुचित चिकित्सकीय सुविधाएं नहीं उपलब्ध करायी जा रही हैं. ग्रामीण इलाकों की बात तो दूर, शहरी क्षेत्रों के अस्पतालों में भी बुनियादी चिकित्सा सुविधा उपलब्ध नहीं है. कहीं डॉक्टर नहीं, तो कहीं चिकित्सा उपकरण और दवाएं नदारद. मुख्यमंत्री साहब से आग्रह है कि वे इस पर ध्यान दें.
– संजय कुमार, गुमला

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