कहीं स्मार्ट सिटी छलावा तो नहीं?

केंद्र सरकार देश में स्मार्ट सिटी परियोजना का काम शुरू करने की कवायद शुरू कर चुकी है. इसके लिए अरबों रुपये के फंड उपबंधित भी कर दिये गये हैं. भारत के वर्तमान संदर्भ में अगर स्मार्ट सिटी की कल्पना की जाये, तो लगता है कि कहीं यह जनता को बरगलाने वाली बात तो नहीं है. […]

केंद्र सरकार देश में स्मार्ट सिटी परियोजना का काम शुरू करने की कवायद शुरू कर चुकी है. इसके लिए अरबों रुपये के फंड उपबंधित भी कर दिये गये हैं.
भारत के वर्तमान संदर्भ में अगर स्मार्ट सिटी की कल्पना की जाये, तो लगता है कि कहीं यह जनता को बरगलाने वाली बात तो नहीं है. खास कर झारखंड के शहरों के संदर्भ में जब हम विचार करते हैं, तो स्थिति और भी भयावह लगती है.
हालांकि, केंद्र सरकार की ओर से सिर्फ रांची को ही स्मार्ट सिटी बनाने की सूची जारी की गयी है. लेकिन सोचने वाली बात यह भी है कि आखिर इस राज्य के एक ही शहर को स्मार्ट सिटी परियोजना में क्यों शामिल किया गया? राज्य के अन्य शहरों में बनने वाली दुकानों में लोग अतिक्रमण करते रहते हैं और प्रशासन मूकदर्शक बना रहता है. इसीलिए लगता है कि यह कहीं छलावा तो नहीं.
– सुरेंद्र रंजन, गोड्डा

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