शिक्षक नियुक्ति में मिले समान अवसर

आपके अखबार में, फिर मेरिट लिस्ट में आया नाम, के शीर्षक से सामग्री पढ़ने को मिली. इस बात की आशंका तो विभिन्न जिलों के शिक्षक नियुक्ति का डेटा बेस से हो ही रही थी. पहली प्रक्रिया में लगभग 68% से अधिक मेधा अंक तथा किसी जिले में तो उससे भी कम अंक में नियुक्ति हुई, […]

आपके अखबार में, फिर मेरिट लिस्ट में आया नाम, के शीर्षक से सामग्री पढ़ने को मिली. इस बात की आशंका तो विभिन्न जिलों के शिक्षक नियुक्ति का डेटा बेस से हो ही रही थी.
पहली प्रक्रिया में लगभग 68% से अधिक मेधा अंक तथा किसी जिले में तो उससे भी कम अंक में नियुक्ति हुई, तो फिर दूसरे चरण की प्रक्रिया में इतने प्रतिशत अंकों के उम्मीदवारों का फिर से शामिल होना प्रक्रिया में खलल पैदा करना है. नवनियुक्त शिक्षकों का फिर से शामिल होना, न केवल अन्याय, बल्कि नियम विरुद्ध भी है.
इन शिक्षकों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई होनी चाहिए. अतः टेट पास शिक्षकों का मुख्यमंत्रीजी व शिक्षा विभाग से अनुरोध है कि जल्द से जल्द नवनियुक्त शिक्षकों का टेट प्रमाण प्रत्र जमा ले लें ताकि वे पुनः काउंसलिंग में शामिल न हो सकें और योग्य शिक्षक को मौका मिले.
– आराधना, जमशेदपुर

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