जातिगत आरक्षण खत्म करे सरकार

देश में समय-समय पर आरक्षण को लेकर किये जा रहे आंदोलन किसी भी सूरत में सही नहीं प्रतीत होते हैं. इससे जहां एक ओर सरकार संपत्ति का नुकसान होता है, वहीं देश में विकास कार्य अवरुद्ध हो जाता है. इतना ही नहीं, आंदोलनकारियों के उग्र हो जाने पर कई लोगों को अपनी जान से हाथ […]

देश में समय-समय पर आरक्षण को लेकर किये जा रहे आंदोलन किसी भी सूरत में सही नहीं प्रतीत होते हैं. इससे जहां एक ओर सरकार संपत्ति का नुकसान होता है, वहीं देश में विकास कार्य अवरुद्ध हो जाता है.
इतना ही नहीं, आंदोलनकारियों के उग्र हो जाने पर कई लोगों को अपनी जान से हाथ भी धोना पड़ जाता है. अभी हाल ही में गुजरात में पटेल समुदाय के आरक्षण से संबंधित आंदोजन को तेज होने की संभावना बलवती नजर आ रही है.
इसका कारण यह है कि पटेल आंदोलन के मुखिया हार्दिक पटेल अपने इस आंदोलन को न सिर्फ गुजरात में ही समेटे रखना चाहते हैं, बल्कि वे इसका विस्तार भी करना चाहते हैं. देश में पैदा हो रहे हालात को देख कर तो महसूस होता है कि सरकार जातिगत आरक्षण को समाप्त करके आर्थिक आधार पर लोगों को आरक्षण देना शुरू कर दे. भलाई इसी में है.
– शंभूनाथ सहाय, देवघर

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >