तंत्र में सुधार करें, सस्ती राजनीति नहीं

समाज में दो तरह के लोग होते हैं. कुछ जो समाज से गरीबी और बीमारी हटाने का प्रयास करते हैं तथा अधिकतर जो एक बीमारी गिविंग काम्प्लेक्स से पीड़ित होते हैं. वे चाहते है कि समाज में गरीबी, भुखमरी और बीमारी फैली रहे, ताकि वे लाचार लोगों को भीख देकर खुद को महान दिखाने का […]

समाज में दो तरह के लोग होते हैं. कुछ जो समाज से गरीबी और बीमारी हटाने का प्रयास करते हैं तथा अधिकतर जो एक बीमारी गिविंग काम्प्लेक्स से पीड़ित होते हैं. वे चाहते है कि समाज में गरीबी, भुखमरी और बीमारी फैली रहे, ताकि वे लाचार लोगों को भीख देकर खुद को महान दिखाने का प्रयास कर सकें.
भीख भी कैमरे के सामने देते हैं, ताकि सैकड़ों लोग देख सकें. इनसे उनकी गिविंग काम्प्लेक्स को संतुष्टि मिलती है. अपने कर्तव्य को ये लोग दूसरों पर अहसान करना समझते हैं.
जरूरत एक बड़े बदलाव की है, ताकि शिक्षित और संवेदनशील लोग राजनीति में आयें और ईमानदारी से अपना कर्तव्य पूरा करें.जरूरत इस बात की भी है कि विद्यालयों, अस्पतालों तथा सरकारी कार्यालयों की स्थिति सुधारने की, न कि सुधारने के नाम सस्ती राजनीति करने की.
शिवकुमार सिंह, सारठ, देवघर

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