ज्ञान रूपी दीप हैं वे जलाते
अंधकार को हैं वे दूर भगाते
अच्छे-बुरे में है फर्क बतलाते
जीवन मे संघर्ष करना सिखलाते
समाज को सही दिशा दिखलाते
सफलता के शिखर तक पहुंचाते
शिक्षक की भूमिका वे ही हैं निभाते
करें हमेशा शिक्षकों का सम्मान
सच हो जायेंगे आपके अरमान
तभी जीवन मे बनोगे नेक इनसान
रहेगी हमेशा चेहरे पर मुस्कान
शिक्षक ही समाज के आधार
मेरा नमन करें आप स्वीकार
अंकित कुमार, जागृति शिशु मंदिर, जादोपुर, गोपालगंज
