आज हमारा देश आजाद है. आजाद देश का हर आदमी अपनी मन मरजी से अपनी-अपनी जिंदगी जी रहे हैं.जिसे जैसा बेहतर लगता है, उससे कहीं बेहतर करने का प्रयास करता है. चाहे वह अमीर हो या गरीब, गुरु हो या फिर चेला, नेता हो या फिर जनता सभी अपनी खुशी के लिए काम कर रहे हैं.
यदि आज की जिंदगी को हम थोड़ी गहराई से देखें, तो एक बात स्पष्ट हो जाती है कि हमारे देश के कई लोग आज भी दिखावे की जिंदगी जी रहे हैं. ऐसे लोग सामाजिक काम को तब करेंगे, जब कैमरा उनके सामने हो.
कहीं झाड़ लगाना हो या कहीं पौधा रोपना हो, बिना कैमरा के उनका काम पूरा ही नहीं होता. इसका मकसद साफ है कि वह जो कर रहे हैं, उसे देश के लोग देखें और जानें कि फलाने बाबू ने फलां काम किया है, क्योंकि जनता में जागरूकता लाने के लिए कैमरा लाना बेहद जरूरी है.
समीर एक्का, हजारीबाग
