देवघर में भगदड़ के कारण 10 से अधिक लोगों की मौत और 50 से अधिक लोगों के घायल होने की सूचना के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने जिले के उपायुक्त समेत अन्य अधिकारियों को निलंबित कर दिया.
यहां तक तो ठीक है, मगर इसके दूसरे पहलू पर भी बिचार करना आवश्यक होगा. यह कोई पहली और नयी घटना नहीं है. अगर इस चौपाई को मानें, तो कहते हैं कि ‘सद्ग्रंथ यही सब गीता और रामायण, सत्कर्मो से धीरे धीरे नर बनता नारायण.’ इसका अर्थ बिलकुल स्पष्ट है.
जब अपने अच्छे कर्मो से मनुष्य को भगवान दर्जा मिल सकता है, तो फिर आम लोगों को क्यों नहीं? सवाल कर्मो का है. भीड़ में भगदड़ होने की पूरी आशंका रहती है. ऐसे में गलती न तो भीड़ की है और न ही सरकारी अधिकारियों की. दोष समय का है और आदमी लक्ष्य से भटक गया है.
महावीर साहू, रांची
