संपादक महोदय, देवघर के बिजली विभाग के अधिकारियों की ‘महानता’ का बखान शब्दों में करना संभव नहीं है. बीते दो महीने से श्रवणी मेले में निर्बाध बिजली की आपूर्ति के लिए रखरखाव के नाम पर अघोषित कटौती से लोगों जीना दूभर हो गया था.अब जबकि श्रवण मास शुरू हो गया है, तब भी शहरी क्षेत्र में बिजली की अनियमित आपूर्ति की जा रही है.
लगता है, इस विभाग के अधिकारीगण निर्बाध बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए श्रवणी पूर्णिमा तक रखरखाव का कार्य ही जारी रखेंगे. झारखंड राज्य की यही विडंबना है कि यहां पर किसी भी स्तर पर संबंधित पदाधिकारियों की जवाबदेही तय नहीं की जाती है. इस प्रकार की अराजकता सिर्फ बिजली विभाग में ही नहीं है, अपितु हर विभाग में लापरवाह अधिकारियों की फौज तैनात है.
सुनील कुमार झा, देवघर
