संपादक महोदय, रिम्स झारखंड के सबसे बड़े अस्पतालों में एक है. यह एक अस्पताल होने के साथ ही शिक्षण और प्रशिक्षण का बहुत बड़ा केंद्र है.मगर आये दिन रिम्स के प्रबंधन का उजागर हो रही खामियों से राज्य की जनता में इसकी खराब छवि बन कर उभर रही है. यहां की जांच मशीनें खराब होने के अलावा साफ-सफाई के मामले में भी बदहाल है.
कहीं पर कचरे का ढेर जमा मिलता है, तो कहीं दीवारों पर पान की पीक नजर आती है. प्रबंधन की लापरवाही से कभी मरीजों को बिस्तर नहीं मिल पाता, तो कभी डॉक्टर ही नदारद होते हैं.
हालांकि, इस संस्थान में चिकित्सकीय पढ़ाई करनेवाले छात्रों को प्रशिक्षण भी दिया जाता है, लेकिन उन छात्रों को उपयुक्त सामग्री भी उपलब्ध नहीं करायी जाती. सवाल यह पैदा होता है कि आखिर करोड़ों रुपये की मिलनेवाली राशि जाती कहां हैं?
छाया कुमारी, ई-मेल से
