कुत्सित राजनीति न करें सियासतदान

संपादक महोदय, मैं आपके समाचार पत्र के माध्यम से देश के उन नेताओं से कुछ सवाल पूछना चाहता हूं, जो सभी तरह के मसलों में टांग फंसा कर कुत्सित राजनीति करने लगते हैं. बीते दिनों देश के राजनीतिक इतिहास में फांसी की सजा पर किया गया हाइवोल्टेज ड्रामा काफी हास्यास्पद लगा. इस देश के नेता […]

संपादक महोदय, मैं आपके समाचार पत्र के माध्यम से देश के उन नेताओं से कुछ सवाल पूछना चाहता हूं, जो सभी तरह के मसलों में टांग फंसा कर कुत्सित राजनीति करने लगते हैं.
बीते दिनों देश के राजनीतिक इतिहास में फांसी की सजा पर किया गया हाइवोल्टेज ड्रामा काफी हास्यास्पद लगा. इस देश के नेता भी अजीब हैं. किसी भी मामले में टांग अड़ाने से बाज नहीं आते. बेकार में सियासी दावं-पेच करनेवालों को एक मुजरिम भी संत दिखायी देने लगता है.
उनकी इस तरह की हरकत सिर्फ वोट बैंक के लिए किये जा रहे कामों का एक हिस्सा भर है. महाशय, मैं देश के सियासतदानों से पूछना चाहता हूं कि मुंबई बम धमाकों में जिन परिवारों के लोग मारे गये थे, क्या वे किसी मामले में दोषी थे? आखिर उन लोगों ने देश-दुनिया में क्या गलत काम किया था? यदि नहीं, तो फिर ऐसी राजनीति ही क्यों?
शशि शेखर बल, करौं, देवघर

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