राष्ट्रहित में कायम करें एक मिसाल

दुर्भाग्य से संसद का वर्षाकालीन सत्र यूं ही बिना काम के बीतता चला जा रहा है. इससे देश के करोड़ों रुपये बर्बाद हो चुके हैं. एक तो देश की आर्थिक हालत वैसे ही ज्यादा अच्छी नहीं है. ऊपर से ये सब फिजूल के ड्रामे रु कने का नाम ही नहीं ले रहे हैं. सही बात […]

दुर्भाग्य से संसद का वर्षाकालीन सत्र यूं ही बिना काम के बीतता चला जा रहा है. इससे देश के करोड़ों रुपये बर्बाद हो चुके हैं. एक तो देश की आर्थिक हालत वैसे ही ज्यादा अच्छी नहीं है.
ऊपर से ये सब फिजूल के ड्रामे रु कने का नाम ही नहीं ले रहे हैं. सही बात है कि जब काम ही नहीं तो दाम कैसे? गरीब मजदूरों और कर्मचारियों का तो इसी आधार पर बिना काम के झट से मजदूरी और वेतन आदि काट लिया जाता है, मगर इन नेताओं का कौन क्या काट सकता है?
ये तो खुद ही मालिक ठहरे. विपक्ष और सरकार में यह टकराव कुछ मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों को लेकर जारी है, जिस पर अभी कोई भी टस से मस होने को तैयार नहीं है. इससे देश के कीमती समय और धन की बर्बादी बराबर जारी है. भाजपा को चाहिए कि बेकार की पिछली सभी बातों और जिद को छोड़ कर राष्ट्रहित में मिसाल कायम करे.
वेद मामूरपुर, नरेला, दिल्ली

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