आज के जमाने में बाल विवाह!

आज समाज बहुत आगे निकल चुका है. महिलाएं पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिला कर चल रही हैं. कई क्षेत्र ऐसे भी हैं जहां महिलाएं प्रमुख पद पर हैं. और ऐसे में अगर कहीं समाज में बाल विवाह हो रहा हो तो यह एक अभिशाप है. बाल विवाह पुरातन समाज के लिए सही माना […]

आज समाज बहुत आगे निकल चुका है. महिलाएं पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिला कर चल रही हैं. कई क्षेत्र ऐसे भी हैं जहां महिलाएं प्रमुख पद पर हैं. और ऐसे में अगर कहीं समाज में बाल विवाह हो रहा हो तो यह एक अभिशाप है. बाल विवाह पुरातन समाज के लिए सही माना जाता था.

तब समाज उतना शिक्षित नहीं थे. पर आज पूरा समाज शिक्षित हो रहा है. फिर भी अगर बाल विवाह हो रहा हो तो उसे रोका जाना बहुत जरूरी है. इसमें लड़के का तो ज्यादा नुकसान नहीं होता, पर लड़की का शारीरिक और मानसिक तौर पर शोषण होता है.

लड़की का शारीर और मस्तिष्क ठीक से विकास नहीं हुआ होता है. दोनों नासमझ होते हैं. उन्हें इस तरह के बंधन में बांध कर उनका जीवन को तबाह किया जाता है. इसका एकमात्र कारण हे अशिक्षा. ऐसे जगह पर शिक्षा पहुंचनी चाहिए.

पालुराम हेंब्रम, सालगाझारी

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >