प्रभात खबर के माध्यम से मैं रांची के लोगों का ध्यान आकृष्ट करना चाहती हूं. हमारी रांची शुरू से ही अपनी प्राकृतिक छटा और मौसम की वजह से प्रसिद्ध है. यहां के निवासी भारत के दूसरे शहरों में प्रवास करने के बावजूद इसे भूलते नहीं.
लेकिन हमारी जरा सी उदासीनता की वजह से हमारे शहर का सौंदर्य खोता जा रहा है. नालियों-गलियों में बजबजाता कचरा मुंह चिढ़ता रहता है. क्या केवल अधिकारियों और नगर निगम को दोष देना ही हमारा कर्तव्य है?
क्या हमें रांची को कचरे का ढेर बनने से रोकने के लिए कुछ नहीं करना चाहिए. सबसे पहले अपने घरों की गंदगी सड़क पर डालना हम स्वत: ही छोड़ दें. घरों की नालियों पर भी ध्यान दें. कीटाणु सड़क से हमारे घर में ही आयेंगे. अगर हम अपने बच्चों को साइकिल चलाने को प्रोत्साहित करें, तो रांची वायु प्रदूषण और जाम
भारती सिंह, रांची
