झूठी घोषणाओं की आदत पड़ गयी है

पिछले दिनों प्रभात खबर में ‘शिक्षा ही अंधविश्वास व कुप्रथा का निदान है’ तथा ‘सातवीं से ही स्किल डेवलपमेंट की शिक्षा’ शीर्षक से दो समाचार प्रकाशित किये गये. ये समाचार झारखंड के शीर्ष मंत्रियों द्वारा मोरहाबादी मैदान में ‘प्रभात प्रतिभा सम्मान’ के दौरान कही गयी बातों के आधार पर लिखे गये. महाशय, मंत्रीगण ने जिन […]

पिछले दिनों प्रभात खबर में ‘शिक्षा ही अंधविश्वास व कुप्रथा का निदान है’ तथा ‘सातवीं से ही स्किल डेवलपमेंट की शिक्षा’ शीर्षक से दो समाचार प्रकाशित किये गये. ये समाचार झारखंड के शीर्ष मंत्रियों द्वारा मोरहाबादी मैदान में ‘प्रभात प्रतिभा सम्मान’ के दौरान कही गयी बातों के आधार पर लिखे गये.
महाशय, मंत्रीगण ने जिन बातों की चर्चा इस समारोह में की है, उन बातों को सुनने की आदत हमलोगों को बीते 14 सालों से पड़ गयी है. जब स्कूलों में शिक्षकों का ही अभाव बना है, तो स्किल कहां से डेवलप होगा?
आज हमारे नेताओं को देश का राष्ट्रगान ही पूरी तरह याद नहीं है. यहां तो सब कुछ उल्टा ही चल रहा है. नेता घोषणा करते जाते हैं, अधिकारी उस पर मिट्टी डालते जाते हैं. जब अधिकारी नेताओं की सुनते ही नहीं, तो घोषणा करके ढोंग क्यों किया जा रहा है?
प्रभात रंजन, हजारीबाग

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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