भूमि अधिग्रहण बिल पर संदेह

भूमि अधिग्रहण बिल पर आज सत्ताधारी दल एवं विपक्ष के बीच घमसान मचा है. विपक्षी दल इसका जोरदार विरोध कर रहे हैं, तो सत्ताधारी दल इसे लागू कराने के पक्ष में है. इन सबके बीच इन दोनों ध्रुवों को जनता के हित के बारे में भी विचार करना चाहिए. उन्हें इस पर भी गौर करना […]

भूमि अधिग्रहण बिल पर आज सत्ताधारी दल एवं विपक्ष के बीच घमसान मचा है. विपक्षी दल इसका जोरदार विरोध कर रहे हैं, तो सत्ताधारी दल इसे लागू कराने के पक्ष में है. इन सबके बीच इन दोनों ध्रुवों को जनता के हित के बारे में भी विचार करना चाहिए.
उन्हें इस पर भी गौर करना होगा कि क्या सही मायने में भूमि अधिग्रहण बिल देशवासियों के हित में होगा. कुछ लोग यह तर्क दे रहे हैं जमीन अधिग्रहण के बाद सरकार द्वारा दी जानेवाली मुआवजे की राशि बहुत ही कम है.
झारखंड में भी सरकार ने वर्षो पहले एचइसी के लिए भूमि अधिग्रहण किया था, लेकिन गौर करनेवाली बात है कि उस जमीन के मालिकों को वायदों के अनुसार क्या हक मिला? अगर उन्हें हक मिल गया होता, तो आज आंदोलन करने की जरूरत ही नहीं पड़ती. सरकार का नया बिल कहीं वैसा ही तो नहीं है?
सुजीत मांझी, मुरहू, खूंटी

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