इन दिनों देश के प्रधान सेवक गिव-अप का खूब प्रचार प्रसार कर रहे हैं. मतलब आम लोगों से गैस सब्सिडी वापस करने की बात कर रहे हैं, ताकि गरीबों को गैस दी जा सके. यह विडंबना ही है कि प्रधान सेवक महोदय वास्तव में जनता के पैसों से अपना प्रचार कर रहे हैं.
अब सवाल यह उठता है कि जितने पैसे विज्ञापन के लिए खर्च किये गये क्या उतने पैसे भी सब्सिडी के रूप में जनता द्वारा वापस मिल पाया? जनता के खून-पसीने की कमाई से प्रधान सेवक अपना प्रचार कर रहे हैं.
अगर सब्सिडी वापस करने की अपील करनी है, तो कोई ऐसी प्रक्रिया अपनाएं, जिसमें जनता का पैसा फिजूल खर्च ना हो. गरीबों को सब्सिडी देने के लिए आप यह अपील आम जनता से करने के बजाय उन सांसदों, विधायकों और आला अफसरों से करें, जो हर माह लाखों कमाते हैं.
प्रताप कुमार तिवारी, सारठ, देवघर
