आखिरकार सरकार ने बहुप्रतीक्षित, राष्ट्रीय स्तर पर मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी योजना लागू कर ही दी. इस योजना के शुरू होने के बाद अब देशवासियों को दूसरे राज्यों में प्रवास के दौरान अपना मोबाइल नंबर नहीं बदलना पड़ेगा.
अब देश की मोबाइल ऑपरेटिंग कंपनियों ने बीते शुक्रवार से ही एमएनपी की सुविधा देनी शुरू कर दी है. इसका अर्थ यह हुआ कि इस योजना के तहत अब हम देश के किसी भी राज्य में मोबाइल नंबर बदले बिना ही किसी भी कंपनी से नंबर की पोर्टेबिलिटी कर सकते हैं.
इससे पहले उपभोक्ताओं को रोमिंग दर के रूप में ही सैकड़ों रुपये बर्बाद करने पड़ते थे, लेकिन अब लोगों को इस समस्या से निजात मिल गयी है. वे देश के किसी भी राज्य में दूसरे राज्य के नंबर को यथावत रख सकते हैं. इससे न तो उनके संपर्क नंबर बताने का झंझट रहेगा और न ही पैसा लगेगा.
अमित कुमार पांडेय, पांकी, पलामू
