कई दिनों से समाचारों में छाये रहने के बाद आखिरकार पहली जुलाई से डिजिटल इंडिया सप्ताह की शुरुआत कर ही दी गयी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनधन योजना, मेक इन इंडिया जैसे अन्य योजनाओं की तरह यह योजना भी जोर-शोर से प्रचारित की जा रही है.
यह पूरा कार्यक्रम आम आदमी, सरकार, सुशासन अभियान और डिजिटली सशक्तिकरण से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है. सक्षम भारत के बाद यह योजना सशक्त भारत की नींव रखने को लेकर लायी गयी है.
इससे देश के आम आदमी का जीवन बेहतर होने की बात बतायी जा रही है. सरकार देश के हर व्यक्ति को डिजिटलाइजेशन के दायरे में लाना चाहती है. इससे लाखों बेरोजगारों को रोजगार के अवसर मिलने की उम्मीद की जा रही है. अब सवाल यह है कि यह योजना कितना कारगर साबित होती है, यह देखना अभी बाकी है.
शेखर सुमन, लक्ष्मी नगर, रांची
