अपराध है खाद्य पदार्थों में मिलावट

मिलावट का जहर आज बड़े शहरों से छोटे शहरों तक एक लाइसेंसी व्यवसाय की तरह फल-फूल रहा है. आटा, बेसन, मैदा, सरसों तेल, घी, दूध, काली मिर्च, दाल, सत्तू इत्यादि आवश्यक खाद्य पदार्थों में अन्य सस्ते और हानिकारक पदार्थों की मिलावट तो आम बात हो गयी है. ब्रांडेड कंपनी के पैकेट्स में अपनी इच्छा से […]

मिलावट का जहर आज बड़े शहरों से छोटे शहरों तक एक लाइसेंसी व्यवसाय की तरह फल-फूल रहा है. आटा, बेसन, मैदा, सरसों तेल, घी, दूध, काली मिर्च, दाल, सत्तू इत्यादि आवश्यक खाद्य पदार्थों में अन्य सस्ते और हानिकारक पदार्थों की मिलावट तो आम बात हो गयी है. ब्रांडेड कंपनी के पैकेट्स में अपनी इच्छा से खराब और सस्ती वस्तुओं को कम वजन के साथ बेचकर लोगों के बहुमूल्य जीवन के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है.
अमेरिका और ब्रिटेन जैसे विकसित देशों में मिलावट को मानव हत्या के समकक्ष अपराध घोषित है और अपराध साबित होने पर मृत्युदंड तक की सजा का प्रावधान है. भारत में मिलावट का गोरखधंधा प्रशासन की नाक के नीचे धड़ल्ले से चल रहा है. सरकार से आग्रह है कि अपने देश में भी कुछ इसी तरह का कठोर कानून बना कर लागू करे.
देवेश कुमार देव, इसरी बाजार, गिरिडीह

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >