चिकित्सा व स्वास्थ्य समस्या पर विशेष ध्यान दे सरकार

लौरिया का प्राथमिक व रेफरल अस्पताल सरकारी उदासीनता का शिकार है. 21 पंचायतों वाला प्रखंड मुख्यालय का लौरिया अस्पताल पर करीब तीन लाख लोगों को स्वास्थ्य लाभ देने का बोझ है. लौरिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के भवन का निर्माण 1908 में हुआ था, जबकि रेफरल अस्पताल के भवन का उद्घाटन 1994 में तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू […]

लौरिया का प्राथमिक व रेफरल अस्पताल सरकारी उदासीनता का शिकार है. 21 पंचायतों वाला प्रखंड मुख्यालय का लौरिया अस्पताल पर करीब तीन लाख लोगों को स्वास्थ्य लाभ देने का बोझ है.
लौरिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के भवन का निर्माण 1908 में हुआ था, जबकि रेफरल अस्पताल के भवन का उद्घाटन 1994 में तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने किया था. अंग्रेजी शासन के दौरान निर्मित जर्जर भवन साल भर पहले तक सेवा दे रहा था. अचानक सरकार की नजरें पड़ीं, तो पुराने भवन को ध्वस्त करा नये सिरे से निर्माण कार्य प्रारंभ कराया.
लेकिन, निर्माण की धीमी गति से लोगों को चिकित्सीय सुविधा का लाभ लेने में परेशानी हो रही है. इस अस्पताल के पास पर्याप्त संख्या में डॉक्टर भी नहीं हैं. सरकार को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य जैसे गंभीर मसले पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है.
सोनू कुमार सोनी, लौरिया (प. चंपारण)

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