रिक्त पदों पर अंकों पर आधारित बहाली बंद हो

आज लगभग हर सरकारी विभाग में अंकों के आधार पर बहाली चल रही है. सरकार को ऐसा लगता है कि उसने रिक्तियों को भर कर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर ली. लेकिन, क्या कभी फॉलोअप होता है कि नियुक्त कर्मी अपनी जिम्मेदारी दक्षता से निभा रहे हैं या फिर हर माह सिर्फ वेतन उठा रहे हैं. […]

आज लगभग हर सरकारी विभाग में अंकों के आधार पर बहाली चल रही है. सरकार को ऐसा लगता है कि उसने रिक्तियों को भर कर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर ली. लेकिन, क्या कभी फॉलोअप होता है कि नियुक्त कर्मी अपनी जिम्मेदारी दक्षता से निभा रहे हैं या फिर हर माह सिर्फ वेतन उठा रहे हैं. आज हर कर्मी अपनी जिम्मेदारी से बचना चाहता है.
वह काम का निष्पादन करना नहीं चाहता और यह तब है जब पूरा अमला जनता की भलाई के लिए काम कर रहा है. आकंड़े ये बताते हैं कि अंकों के आधार पर बहाल कर्मी कार्यों को सुचारु रूप से अंजाम नहीं दे पाते हैं. इसमें कुछ अच्छे भी हैं, लेकिन सूबे की परीक्षा प्रणाली बहुत बेहतर नहीं कही जा सकती है. अतः हम अंकों के आधार पर बहाली को अच्छा नहीं कह सकते. अतः इसे प्रतियोगिता आधारित बनाना होगा, ताकि विभागों का कार्य निष्पादन ससमय व उचित तरीके से हो सके.
राजेश कुमार सिंह, एकमा (सारण)

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