नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करे सरकार

झारखंड में कई महत्वपूर्ण विभागों में वर्षो से नियुक्तियां लंबित हैं. घोषणाएं हो रही हैं, प्रक्रियाएं शुरू हो रही हैं, पर धरातल पर कुछ भी नहीं उतर रहा है. हाल ही में मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि अगस्त तक सभी रिक्त पदों को भर लिया जायेगा. पर सरकारी स्तर पर लचर और सुस्त व्यवस्था […]

झारखंड में कई महत्वपूर्ण विभागों में वर्षो से नियुक्तियां लंबित हैं. घोषणाएं हो रही हैं, प्रक्रियाएं शुरू हो रही हैं, पर धरातल पर कुछ भी नहीं उतर रहा है. हाल ही में मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि अगस्त तक सभी रिक्त पदों को भर लिया जायेगा. पर सरकारी स्तर पर लचर और सुस्त व्यवस्था की हालत यह है कि अभी तक इस दिशा में कोई प्रक्रिया ही शुरू नहीं हो पायी है.

ऐसा लगता है, सरकार रोजगार देने को लेकर संजीदा ही नहीं है. किसी भी स्तर पर लोगों को रोजगार नहीं मिल रहा. स्थिति बिगड़ती जा रही है, उन विभागों की भी, जहां न्यूनतम मानव संसाधन ही नहीं है. झारखंड में छह साल पहले शुरू की गयी नियुक्ति प्रक्रिया ही अब तक पूरी नहीं की जा सकी है. 230 अपग्रेड हाइस्कूलों में 2513 शिक्षकों की नियुक्ति के लिए सरकार ने 2009 में पहल की थी. पर छह साल बाद भी अभी तक नियुक्ति परीक्षा पूरी नहीं हुई है.

शिक्षकों की कमी को देखते हुए राज्य में शिक्षक पात्रता परीक्षा का आयोजन किया गया था. रिजल्ट निकले लगभग एक वर्ष से भी अधिक समय गुजर गये, पर अभी तक शिक्षक नियुक्त नहीं किये जा सके. राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति को लेकर अकसर चिंता जतायी जाती है, बैठकों को दौर चलता है. सुधार के लिए पुलिस विभाग को टास्क दिये जाते हैं. पर क्या सिर्फ इन बैठकों और टास्क के भरोसे ही विधि व्यवस्था सुधर सकती है? हकीकत तो यह है कि आवश्यक मानव संसाधन की कमी से जूझ रहा पुलिस विभाग लोगों को पूरी तरह से सुरक्षा देने में तब तक सक्षम नहीं है, जब तक उसकी यह कमी दूर न की जाये. पुलिस विभाग में 21 फीसदी पद रिक्त हैं.

जिला बल में तीन साल से नियुक्ति ही नहीं हुई. जैप में सिपाही की नियुक्ति प्रक्रिया दो साल से लंबित है. सरकार फिलहाल इन लंबित नियुक्ति प्रक्रियाओं को ही पूरा कर दे, तो कई युवाओं को रोजगार मिल जायेगा. हाल ही में जारी इंडिया लेबर एंड इंप्लायमेंट रिपोर्ट के अनुसार, झारखंड में 19. 5 फीसदी युवा बेरोजगार हैं. झारखंड रोजगार देने के मामले में पूरे देश में 16 वें स्थान पर है. कल्पना की जा सकती है कि राज्य के युवाओं के लिए कितनी निराशाजनक स्थिति है. जरूरत है, राज्य सरकार को युवाओं को रोजगार देने के प्रति संजीदा होना होगा.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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