ट्रंप की चालबाजी

अमेरिकी सेना प्रमुख जॉन केली इस साल के अंत में अपना पद छोड़ रहे हैं. इसकी घोषणा स्वयं ट्रंप ने की. केली के कामों को याद करते हुए उनकी तारीफ भी की. इसका मतलब कि राष्ट्रपति ट्रंप भीतर से कुछ और बाहर से कुछ और हैं. कहा जा रहा है कि अमेरिकी इतिहास में ऐसा […]

अमेरिकी सेना प्रमुख जॉन केली इस साल के अंत में अपना पद छोड़ रहे हैं. इसकी घोषणा स्वयं ट्रंप ने की. केली के कामों को याद करते हुए उनकी तारीफ भी की. इसका मतलब कि राष्ट्रपति ट्रंप भीतर से कुछ और बाहर से कुछ और हैं.
कहा जा रहा है कि अमेरिकी इतिहास में ऐसा पहले कभी नहीं हुआ कि 20 जनवरी 2017 से लेकर दिसंबर 2018 तक एक नहीं, दो नहीं, बल्कि कैबिनेट रैंक के पूरे 28 बड़े अधिकारियों को बाहर का रास्ता दिखाया गया. छोटे अधिकारियों के पद से हटाने की फेहरिस्त तो इतना लंबा है कि इस पर एक किताब लिखी जा सकती है. उनकी कार्यशैली का इसी बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि उन्होंने तीन सेना प्रमुखों एवं तीन सुरक्षा सलाहकारों को पद से हटाया है.
क्या यह साधारण बात है ? भारतीय मूल की निक्की हेली ने भी जो इस्तीफे का एलान किया है, वह भी ट्रंप के दबाव में किया गया है. जो भी राष्ट्रवादी विचारधारा को होता है, उसे लगता है कि जो भी काम परंपरागत तौर पर किया जाता है, वह गलत है. सही काम सिर्फ राष्ट्रवादी लोग ही कर सकते हैं. आशा है, दोबारा इन्हें ह्वाइट हाउस आने का मौका अमेरिकी लोग नहीं देंगे.
जंग बहादुर सिंह, गोलपहाड़ी, जमशेदपुर

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