पूर्व पीएम अटल अब अमर हो गये

15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस धूमधाम से मनाने के बाद 16 अगस्त को 93 वर्ष तक अपने दिव्य रोशनी से देश को आलोकित करने वाला दीपक बूझ गया. अटल जी भारत रत्न ही नहीं थे, विश्व के रत्नों में से एक थे. उनका जाना हमारे लिए बहुत ही दुखद है. इसका भरपाई होना निकट भविष्य […]

15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस धूमधाम से मनाने के बाद 16 अगस्त को 93 वर्ष तक अपने दिव्य रोशनी से देश को आलोकित करने वाला दीपक बूझ गया.
अटल जी भारत रत्न ही नहीं थे, विश्व के रत्नों में से एक थे. उनका जाना हमारे लिए बहुत ही दुखद है. इसका भरपाई होना निकट भविष्य में नहीं दिख रहा है. राजनीति में उनके जैसा कोई नहीं दिख रहा है. आज एक पार्टी को एकजुट बनाये रखना असंभव दिखता है. अटल जी 24 पार्टियों को एकजुट रखकर पांच वर्ष तक सफलता के साथ सरकार चलाये थे.
एक सिद्धहस्त कवि, प्रखर राजनेता, कुशल व्यक्तित्व, अटल विश्वास, अद्भुत छवि वाले विरले ही होते हैं. जब अटल जी जैसे व्यक्तित्व को भारत रत्न मिलता है, तब भारत रत्न सम्मान सार्थक नजर आता है. अब अटल जी हमारे बीच नहीं रहे, लेकिन उनकी अविस्मरणीय यादें हमारे जेहन में बनी रहेंगी.
टीपू चौधरी, बल्लीपुर (समस्तीपुर)

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