जातिगत आरक्षण नहीं चाहिए

मराठा आरक्षण आंदोलन पर केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी का यह बयान कि नौकरियां ही कहां हैं, भले निराशाजनक हो, मगर जातिगत आरक्षण का समर्थन नहीं किया जा सकता. यह सच है कि देश में काम की कोई कमी नहीं है. सरकारी कार्यालयों में लाखों पद खाली पड़े हैं, ताे निर्माण क्षेत्र में भी हजारों योजनाएं […]

मराठा आरक्षण आंदोलन पर केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी का यह बयान कि नौकरियां ही कहां हैं, भले निराशाजनक हो, मगर जातिगत आरक्षण का समर्थन नहीं किया जा सकता. यह सच है कि देश में काम की कोई कमी नहीं है.
सरकारी कार्यालयों में लाखों पद खाली पड़े हैं, ताे निर्माण क्षेत्र में भी हजारों योजनाएं अधूरी पड़ी हैं. वहां भी काम के ढेरों अवसर हैं. सरकारी नौकरियों में जातिगत आरक्षण देश के लिए उचित नहीं है. यह आर्थिक आधार पर ही होना चाहिए है, क्योंकि आर्थिक रूप से कमजोर लोग हर जाति और धर्म में हैं. सरकार को आर्थिक आधार पर आरक्षण की व्यवस्था पर विचार करना चाहिए.
वेद मामूरपुर ,नरेला

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >