मॉब लिंचिंग

आज देश के सामने मॉब लिंचिंग एक बहुत बड़ी चुनौती बन कर उभरा है. हाल ही में एक इंजीनियर को बच्चा चोरी के नाम पर भीड़ ने पीट-पीट कर मार डाला. इंडिया स्पेंड की रिपोर्ट के अनुसार देश में 34 लोग मॉब लिंचिंग में अपनी जान गंवा चुके हैं. सबसे अधिक मुस्लिम समुदाय ही इससे […]

आज देश के सामने मॉब लिंचिंग एक बहुत बड़ी चुनौती बन कर उभरा है. हाल ही में एक इंजीनियर को बच्चा चोरी के नाम पर भीड़ ने पीट-पीट कर मार डाला. इंडिया स्पेंड की रिपोर्ट के अनुसार देश में 34 लोग मॉब लिंचिंग में अपनी जान गंवा चुके हैं.
सबसे अधिक मुस्लिम समुदाय ही इससे प्रभावित हुआ है. वर्तमान में सोशल मीडिया जहां एक तरफ रिश्तेदारों के बीच दूरी पाटने का काम कर रही है वहीं दूसरी ओर व्हाट्सएप जैसे ऐप पर अफवाह आग की तेजी से फैलती है.
और इसकी कोई जवाबदेही भी नहीं है. अमेरिका व चीन और अन्य देशों में इसको लेकर प्रावधान भी है. अपने देश में सोशल मीडिया में अफवाह को रोकने के लिए कड़े नियम व कानून की जरूरत है, साथ ही इसमें सजा का प्रावधान भी करने की जरूरत है.
संकेत तिवारी, इमेल से

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >