पिछले दिनों कैराना में मिली हार से बीजेपी के कार्यकर्ताओं द्वारा हार का मुख्य कारण विपक्षी दलों के गठबंधन को बताया जा रहा है जो कि बिल्कुल गलत बात है, क्योंकि बीजेपी सरकार की तरफ से 2014 में किये गये वादों पर खरा न उतरना ही उसकी हार का मुख्य कारण बना है. वहां के नतीजों से यह स्पष्ट करते है कि किसानों के लिए किये गये सभी बड़े वादे सिर्फ एक जुमला ही बनकर रह गये.
सरकार ने किसानों के लिए शुरू की गयी फसल बीमा योजना, बाजार तक फसलों की बिक्री तथा कर्ज माफ जैसी चीजों का वादा किया था, पर काम करने में असफल रही. 2014 में बीजेपी ने विदेशी निवेश तथा रोजगार से संबंधित कई वादे किये, लेकिन रोजगार दोगुना होने की बजाय बेरोजगारी जरूर दोगुनी हो गयी. यह बीजेपी की लगातार तीसरी हार है और उपचुनाव में तो बीजेपी के आंकड़े बिल्कुल ही खराब रहे हैं.
अखिल सिंघल, इमेल से
