अंतिम व्यक्ति तक कैसे पहुंचे लाभ

सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक बिना लीकेज के पहुंचे, इसके लिए सरकार ने डीबीटी यानी सीधे लाभ हस्तांतरण की तरकीब अपनायी, पर अफसोस कि मुखिया से लेकर बिचौलिया और कतिपय भ्रष्ट अधिकारी इस तरकीब को फेल करने में जुटे हैं. उन्होंने इसका भी तोड़ निकला है और किसी […]

सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक बिना लीकेज के पहुंचे, इसके लिए सरकार ने डीबीटी यानी सीधे लाभ हस्तांतरण की तरकीब अपनायी, पर अफसोस कि मुखिया से लेकर बिचौलिया और कतिपय भ्रष्ट अधिकारी इस तरकीब को फेल करने में जुटे हैं.
उन्होंने इसका भी तोड़ निकला है और किसी योजना की लाभुक सूची में व्यक्ति को शामिल करने के पहले ही उससे कमीशन वसूल रहे हैं.
इस प्रकार सरकारी खाते से लाभुक के खाते में योजना की पूरी राशि डायरेक्ट ट्रांसफर तो हो रही है, मगर इसके एवज में कमीशन की वसूली भी हो रही है. आलम यह है कि शौचालय योजना में दस हजार रुपये के एवज में एक-एक हजार रुपये तक वसूले जा रहे हैं.
यही हाल अन्य योजनाओं में है. दूसरी ओर कई लाभुक ऐसे भी हैं, जो योजना की राशि का उपयोग दूसरे निजी काम में कर रहे हैं और कमीशन वसूलने के कारण मुखिया-अधिकारी इसकी अनदेखी करते हैं. लिहाजा जरूरी है कि सरकारी योजनाओं में लाभुकाें के चयन से लेकर योजना के कार्यान्वयन तक में निगरानी और अनुश्रवण व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाया जाये.
रोशन कुमार झा, कडरू, रांची.

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