माननीय सुप्रीम कोर्ट ने अपने ताजा ऐतिहासिक फैसले से पारदर्शिता की रक्षा करते हुए कर्नाटक विधानभा में नये विधायकों को गुप्त मतदान से रोक कर सिर्फ खुले और स्पष्ट मतदान करने और पूरी कार्यवाही को दूरदर्शन के सभी चैनलों के माध्यम प्रसारित करने का निर्देश देकर वास्तव में एक बड़ा काम किया. यह राष्ट्र के लिए भविष्य में भी एक बड़ी मिसाल बन गया है.
इससे अब किसी को कुछ कहने की जरूरत ही नहीं रही. निश्चय ही देश की राजनीति को एक नयी और सही दिशा मिलेगी. दूसरी ओर कर्नाटक की इस घटना से विपक्षी एकता को भी बल मिला है, जो पहले ही बिहार और गुजरात चुनाव में दिखाई दे चुका है.
संभावित विपक्षी एकता और किसी गठबंधन के बारे में तो आनेवाला वक्त ही बतायेगा. कर्नाटक में कांग्रेस और जेडीएस की बनने वाली नयी सरकार दो विरोधी और घटती पार्टियों की सरकार है, जिसका भविष्य संदिग्ध और कठिन लगता है.
वेद मामूरपुर, इमेल से
