पाकिस्तान पर भरोसा क्यों करें

पाकिस्तान कहीं से भरोसे के लायक नहीं है. अव्वल तो भारत ने जब 16 अप्रैल को रमजान के अवसर पर एकतरफा संघर्ष विराम का एलान किया, तो पाक ने उसकी कद्र करने की बजाय उसे हमारी कमजोरी समझ कर नापाक हरकतें शुरू कीं. सीजफायर का उल्लंघन किया और अंधाधुंध गोलाबारी-गोलीबारी की. इसमें हमारे दो जवान […]

पाकिस्तान कहीं से भरोसे के लायक नहीं है. अव्वल तो भारत ने जब 16 अप्रैल को रमजान के अवसर पर एकतरफा संघर्ष विराम का एलान किया, तो पाक ने उसकी कद्र करने की बजाय उसे हमारी कमजोरी समझ कर नापाक हरकतें शुरू कीं.
सीजफायर का उल्लंघन किया और अंधाधुंध गोलाबारी-गोलीबारी की. इसमें हमारे दो जवान समेत पांच नागरिकों की मौत हो गयी. पाकिस्तान ने इसे अपनी बहादुरी समझी और जब भारतीय सेना ने मुंहतोड़ जवाब देते हुए तीन आतंकियों और कई पाक रेंजरों को ढेर कर दिया, तब पाक सेना ने भारत से रहम की भीख मांगनी शुरू की. संदेश भेजा की अब बस करो, मगर दूसरी ओर फिर से गोलीबारी की.
यानी पाकिस्तान केवल विश्वासघात करना जानता है और मुंहतोड़ जवाब की भाषा समझता है. उसके साथ किसी भी तरह की नर्मी बरतने का मतलब है धोखा खाना. अटल जी के प्रधानमंत्रित्व काल में भी यही हुआ था.
निलेश मेहरा, लेरवा स्कूल, मधुपुर

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