बंगाल के पंचायत चुनावों में हिंसा

पश्चिम बंगाल में संपन्न पंचायत चुनाव में हुई हिंसा अत्यंत दुखद है. रिपोर्टों के अनुसार 20 से अधिक लोग मारे गये व सैकड़ों घायल हुए. बंगाल मुख्य रूप से कैडर बेस्ड राजनीति का गढ़ है. बंगाल का आम जनमानस काफी शांति प्रिय और मिलनसार है, परंतु जो विष के बीज राजनीतिक दलों द्वारा बोये गये, […]

पश्चिम बंगाल में संपन्न पंचायत चुनाव में हुई हिंसा अत्यंत दुखद है. रिपोर्टों के अनुसार 20 से अधिक लोग मारे गये व सैकड़ों घायल हुए. बंगाल मुख्य रूप से कैडर बेस्ड राजनीति का गढ़ है.
बंगाल का आम जनमानस काफी शांति प्रिय और मिलनसार है, परंतु जो विष के बीज राजनीतिक दलों द्वारा बोये गये, उसका जहरीला फल चुनावों में दिखता है. राजनीतिक पार्टियों के जो कार्यालय जगह-जगह क्लब के नाम पर खुले हैं, उन्हें फंड मिलता है. इसका लाभ मूल रूप से बांग्लादेशी शरणार्थी उठाते हैं. हिंसा का निहितार्थ ग्राम पंचायतों का चुनाव पार्टी आधारित होने में भी है.
सत्ता जब इतनी असहनशील हो जाये कि विपक्ष का कोई स्थान ही न बचे, तो लोकतंत्र की तलाश कठिन प्रतीत होती है. मूल्यों की राजनीति सिर्फ किताबों में सिद्धांत के रूप में शेष रह गयी है. उम्मीद है, चीजें बदलेंगी और तभी लोकतंत्र की आत्मा पाक-साफ रह पायेगी.
डा अमरजीत कुमार, इमेल से

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