बीएसआइएल को बचाना होगा

बीएसआइएल से संबंधित एक खबर पढ़ कर काफी दुख हुआ. चूंकि 17 साल पहले कंपनी और इस इलाके के संपर्क में रहा. कंपनी के अगल-बगल पूरा गांव खुशहाल हुआ करता था. कार्य के दौरान आस-पास के गांव में जाना, लोगों से मिलना, उनका स्नेह एकबारगी याद आता है. जमशेदपुर में पहला श्री साईं मंदिर का […]

बीएसआइएल से संबंधित एक खबर पढ़ कर काफी दुख हुआ. चूंकि 17 साल पहले कंपनी और इस इलाके के संपर्क में रहा. कंपनी के अगल-बगल पूरा गांव खुशहाल हुआ करता था.
कार्य के दौरान आस-पास के गांव में जाना, लोगों से मिलना, उनका स्नेह एकबारगी याद आता है. जमशेदपुर में पहला श्री साईं मंदिर का दर्शन यहीं मिला. ऐसे में इस कंपनी कि यह हालत और गांव के लोग, कर्मचारी, उनके परिवार की खबर से मन में दुख आना स्वाभाविक है.
राज्य सरकार, कंपनी प्रबंधन को किसी न किसी फैसले पर आना जरूरी हो जाता है ताकि कंपनी स्टार्ट हो, या उनकी जमीन की व्यवस्था की जाये, वे लोग अपना और अपने परिवार का भरण-पोषण कर सके. राज्य सरकार से उम्मीद है वह इस समस्या पर गंभीरता से विचार करेगी और हल निकालने की हर संभव प्रयास करेगी.
एल शेखर राव, जुगसलाई, जमशेदपुर

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