रेल दुर्घटनाओं और ट्रेनों में लचर व्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार हमेशा घिरी रहती थी. ट्रेनों में असहनीय गंदगी हुआ करती थी और हर सप्ताह कहीं न कहीं से दुर्घटना कि खबर विचलित करते रहती थी. लेकिन धीरे-धीरे अब यह सूरत बदल रही है. ट्रेनों में निरंतर अवधि में सफाई होते रहती है, तथा कूड़ेदान भी लगा दिखाई देता है. पहले यह काम सिर्फ पेपर पर होते थे.
आजकल दुर्घटना की खबर भी फिलहाल काफी दिनों से नहीं आ रही है. उम्मीद है ऐसे ही बनी रहेगी. अगर हम बुरे समय में सरकार की आलोचना करते हैं तो उनके अच्छे कामों में उनका तारीफ करना भी उतना ही जरूरी है. रेल में इस सुधार के लिए सरकार बधाई का पात्र है.
उत्सव रंजन, हजारीबाग
