आरक्षण का पुनरीक्षण हो

आरक्षण ने देश का माहौल बिगाड़ दिया है. शुरू में इसे सीमित अवधि के लिए लागू गया था. उस समय के लोगों की सोच अच्छी थी और इसे भले नीयत से लागू किया गया हो, आज लोग लालची हैं और यह असाध्य बीमारी का रूप लेता जा रहा है. अभी पिछले दिनों के भारत बंद […]

आरक्षण ने देश का माहौल बिगाड़ दिया है. शुरू में इसे सीमित अवधि के लिए लागू गया था. उस समय के लोगों की सोच अच्छी थी और इसे भले नीयत से लागू किया गया हो, आज लोग लालची हैं और यह असाध्य बीमारी का रूप लेता जा रहा है. अभी पिछले दिनों के भारत बंद के दौरान बड़े पैमाने पर हिंसा हुई.
यही नहीं, आरक्षण की वजह से समाज कई हिस्सों में बंट गया है. आरक्षण देने का उद्देश्य सामािजक-आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को समाज की मुख्यधारा में लाना था, मगर सच यह है कि आज इसका लाभ उन वर्गों के ऐसे लोग ही उठा रहे हैं, जिनकी सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक हैसियत मजबूत है. अतः वर्तमान परिस्थिति को देखते हुए इसका पुनरीक्षण किया जाना चाहिए, ताकि वास्तव में जिन्हें इसका लाभ मिलना चाहिए, उन्हें ही फायदा हो.
नवीन सिन्हा जमशेदपुर

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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