अपने देश में जाति प्रथा बहुत पुरानी है और यह तय है कि जब तक देश में यह प्रथा रहेगी, तब तक आरक्षण रहेगा. समाज को चाहिए कि आरक्षण खत्म करने की बजाय जाति प्रथा को ही हटाने की लड़ाई लडनी चाहिए. जब जाति का कोई बंधन नहीं होगा, तब अपने आप ही जातिगत आरक्षण गायब हो जायेगा.
जाति प्रथा समाज के लिए बहुत बड़ी परेशानी है. इसको लेकर आये दिन दंगा-फसाद होते रहते हैं. सड़कों पर आंदोलन होते हैं और सार्वजनिक संपत्तियों का नुकसान होता है. इन आंदोलनों से समाज के साथ-साथ देश का भी बहुत नुकसान होता है. आरक्षण को हटाने की मांग करने के बदले जाति प्रथा को समाप्त करने के लिए भारत बंद का आह्वान करना चाहिए.
सरिता कुमारी, धनबाद
