साइबर क्राइम यानी तकनीक के साथ ऑनलाइन फ्रॉड के मामले बढ़े हैं. चोर भी हाई प्रोफाइल हो गये हैं, जबकि उनके मुकाबले पुलिस पीछे है. लिहाजा ऐसे मामलों का अनुसंधान और निष्पादन की गुणवत्तापूर्ण नहीं होता.
ऐसे मामलों में पुलिस मामले तो दर्ज कर लेती है, लेकिन ज्यादातर मामलों में नतीजे सिफर होते हैं. इसलिए सरकार और पुलिस विभाग को बहुत गहराई और बहुत तेजी से इस पर सोचना होगा. साइबर क्राइम से निबटने के लिए सरकार को कठोर कदम उठाने होंगे.
इसके लिए पुलिस के साथ बड़ी संख्या में साइबर टीम के लोगों को जोड़ना होगा, आइटी से जुड़े युवाओं की भर्ती करनी होगी. तभी ऐसे मामलों को रोक पाना भी संभव हो सकेगा और अनुसंधान के नतीजे भी सटीक आ सकेंगे.
महेश कुमार सिद्धमुख, इमेल से.
