आलोक पुराणिक
वरिष्ठ व्यंग्यकार
हड़कंप मच गया जी टीवी चैनलों पर. सलमान खान की सजा मसला नहीं है, मसला यह है कि इस पर कवरेज को इंटरेस्टिंग कैसे बनाया जाये. मेरे पास कुछ काॅल आये टीवी चैनलों के कि आप बताएं- सलमान खान की कवरेज को टीआरपी खेंचू कैसे बनाएं.
मैंने कहा- यह बहुत गंभीर विषय है, मैं तो यूं ही अंड-बंड लिखता हूं. इस पर एक चैनल चीफ ने कहा- तभी तो आपसे कांटेक्ट कर रहे हैं. क्या मरे हिरण की आत्मा को एंकर में प्रवेश करा दें, जो सलमान से पूछे कि क्यों मारा मुझे?
मैंने कहा- सलमान कहां आ पायेंगे आपके स्टूडियो में? तो चैनल चीफ ने बताया- हम तो अपने स्टूडियो में बना लेते हैं. नागिन बना लेते हैं, हिरण बना लेंगे, सलमान भी बना लेंगे.
मैंने कहा- सबसे ज्यादा तो आप दर्शकों को बनाते हैं.
खैर दो अलग-अलग चैनलों पर सुपर हिट हुए कार्यक्रमों के कतिपय अंश इस प्रकार हैं…
एंकर- सलमान ने इस तरह से हिरण की हत्या क्यों की?
सलमान समर्थक- इस मुल्क में इंसानों की हत्या हो जाती है. विदर्भ में किसान आत्महत्या कर लेते हैं. सलमान पर करोड़ों लगे हैं, उन्हें सजा नहीं होनी चाहिए. सलमान को सजा यह दी जा सकती है कि विदर्भ के एक हजार किसानों का कर्ज का भुगतान वह कर दें और उन्हें आत्महत्या से बचा लें.
(कार्यक्रम के इस हिस्से का प्रायोजक है- टीसा क्रेडिट कार्ड)
एंकर- क्या बेहूदा तर्क है. किसी का मर्डर करके कोई बच जाये? कल को दाऊद से किसानों के कर्ज माफ करवा दें, तो क्या उसे भारत बाइज्जत आने दिया जायेगा.
सलमान समर्थक- देखिए, जरा सोचिए, कितनों का भला हो जायेगा.
एंकर- तो आप यह भी कह सकते हैं कि प्री-पेड मर्डर कार्ड इशू हो जाये. बड़े लोग इन कार्डों को खरीद लें, फिर किसी को फुटपाथ पर ठोंक दें, या किसी को जंगल में मार दें.
सलमान समर्थक- आप इतनी समझदारी की बात कर रहे हैं कि इस वक्त आप बिल्कुल भी टीवी एंकर नहीं लग रहे हैं.
(दूसरे चैनल पर सलमान खान पर आया हिट कार्यक्रम इस प्रकार है- 106 का दम)
एंकर- 56 इंच का दम पुरानी बात है, अब 106 का दम है. सलमान जेल में कोठरी नंबर 106 में रहे. 106, जी हां 106.
एक पैनलिस्ट- माफ कीजिए, आप कुछ ऐसा साउंड कर रहे हैं, मानो 106 नंबर बीड़ी का विज्ञापन कर रहे हों. इसे इतने जोर से बताने की क्या जरूरत है?
एंकर- यही सवाल है कि क्यों ना बताया जाये? आईपीएल मैचों में जो बैट्समैन 106 रन बनायेगा, तो कहा जायेगा कि वह सलमान स्कोर पर पहुंच गया है. 106 नंबर बहुत खास है.
पैनलिस्ट- माफ कीजिए एंकरजी आपको नहीं लगता है कि अब बहुत फनी बातें कर रहे हैं. एंकर- जी थैंक्स, आपने फनी कह दिया. यही करने को तो हम बैठे हुए हैं जी…
