ट्रेड वार या ट्रेंड वार !

वर्तमान में विश्व की दो महाशक्तियों में जिस तरह ट्रेड वार चल रहा है, वह पूरे विश्व के लिए एक गलत संकेत है. अमेरिका विश्व की महाशक्तिओं में से एक माना जाता है. वहीं चीन भी अमेरिका की बराबरी करने में एवं विश्व के सामने खुद को शक्तिशाली बताने के लिए कोई कोशिश नहीं छोड़ […]

वर्तमान में विश्व की दो महाशक्तियों में जिस तरह ट्रेड वार चल रहा है, वह पूरे विश्व के लिए एक गलत संकेत है. अमेरिका विश्व की महाशक्तिओं में से एक माना जाता है.
वहीं चीन भी अमेरिका की बराबरी करने में एवं विश्व के सामने खुद को शक्तिशाली बताने के लिए कोई कोशिश नहीं छोड़ रहा है. अब तो दोनों देशों के बीच यह ट्रेड वार एक ट्रेंड वार बन चुका है.
यह एक तरह के कोल्ड वार का रूप लेता हुआ नजर आ रहा है, जिसमें सिर्फ अमेरिका और चीन ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के बाजार की सेहत एवं अर्थव्यवस्था बिगड़ रही है. दुनिया की नजरें इस ट्रेड वार पर बनी हुई हैं.
भारतीय बाजार भी इससे अछूते नहीं हैं. भारतीय बाजार को भी इससे काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है. बेहतर यह है कि अमेरिका और चीन अपने इस ट्रेड और ट्रेंड वार को जितनी जल्दी हो सके, खत्म करे, ताकि विश्व बाजार को कम-से-कम नुकसान हो.
सुमंत चौधरी, इमेल से

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