चीन पाक आर्थिक गलियारे के तहत वह अपने प्रभुत्व स्थापित कर रहा है. साथ ही, भूटान की सीमा में आने वाले डोकलाम क्षेत्र में सड़क निर्माण करके वह भारत को चुनौती दे रहा है.
भारत की ताकत को कम आंक रहा है. जब भारतीय सेना ने चीनी घुसपैठियों को खदेड़ा, तो वह भारत के खिलाफ जहर उगलने लगा. चीन में पाक की तरह ही भारत से युद्ध करने की हिमायत करने वालों की कमी नहीं है, लेकिन यह सच है कि आज भारत चीन से किसी भी मामले में कम नहीं रहा.
भारत की चीन संबंधी विदेश नीति में दिक्कत यह है कि भारत ने चीन को लेकर हमेशा ‘कोल्ड पीस’ अर्थात निष्क्रियता ओढ़कर शांति बनाये रखने की नीति अपना रखी है. यह वैश्विक राजनीतिक की दृष्टि से किसी भी तरह से भारत के हित में नहीं है. भारत को अपनी नीति बदलने की जरूरत है. भारत को चीन और पाक से होशियार रहना होगा.
नजराना परवीन, धनबाद
