ख्याति के आधार पर न चुनें

सचिन तेंडुलकर के बाद अब अभिनेत्री रेखा पर भी दबाव बढ़ जायेगा कि वह भी अपना भत्ता एवं तनख्वाह को प्रधानमंत्री राहत कोष में दान करें. सचिन ने 90 लाख रुपये दिये हैं. रेखा को 99 लाख से अधिक रुपये मिले हैं. वैसे सचिन का यह दान वैसा ही है, जैसा उनकाे राज्यसभा में कांग्रेस […]

सचिन तेंडुलकर के बाद अब अभिनेत्री रेखा पर भी दबाव बढ़ जायेगा कि वह भी अपना भत्ता एवं तनख्वाह को प्रधानमंत्री राहत कोष में दान करें. सचिन ने 90 लाख रुपये दिये हैं. रेखा को 99 लाख से अधिक रुपये मिले हैं.
वैसे सचिन का यह दान वैसा ही है, जैसा उनकाे राज्यसभा में कांग्रेस पार्टी द्वारा भेजा जाना. उन्हें सिर्फ प्रतीक के तौर पर इस्तेमाल किया गया. उनकी ख्याति का लाभ कांग्रेस पार्टी भुनाना चाहती थी.
वरना इस पार्टी को भी भलीभांति मालूम था कि सचिन एवं रेखा को राज्यसभा में भेजकर जनता को कुछ हासिल नहीं होने वाला है. हुआ भी वही. सचिन की उपस्थिति का प्रतिशत जहां 7.3 था, वहीं रेखा का सिर्फ 4.5. सचिन ने 22 सवाल पूछे भी, मगर रेखा ने तो एक भी नहीं. इसलिए पार्टियों को चाहिए, वे केवल प्रत्याशी की ख्याति को नहीं, बल्कि उसके कुछ करने की क्षमता को देखकर उनका मनोनयन करें.
जंग बहादुर सिंह, इमेल से

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