केजरीवाल का माफी मांगना

क्या अब यह समझा जायेगा कि अरविंद केजरीवाल ने जो व्यवस्था एवं भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठायी थी, वह सब झूठ था? क्या अब वह मानने लगे हैं कि उन्होंने जितने लोगों पर भी भ्रष्ट होने का आरोप लगाया था, उन सब से उन्हें माफी मांगनी पड़ेगी? शुरुआत तो विक्रम सिंह मजीठिया से हो गया […]

क्या अब यह समझा जायेगा कि अरविंद केजरीवाल ने जो व्यवस्था एवं भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठायी थी, वह सब झूठ था? क्या अब वह मानने लगे हैं कि उन्होंने जितने लोगों पर भी भ्रष्ट होने का आरोप लगाया था, उन सब से उन्हें माफी मांगनी पड़ेगी?
शुरुआत तो विक्रम सिंह मजीठिया से हो गया है. अब आगे शायद अरुण जेटली जी का नंबर है. तीसरे नंबर पर नितिन गडकरी हो सकते हैं. इसके अलावा भी उन्होंने कई कांग्रेसी एवं क्षेत्रीय राजनीतिज्ञों को भ्रष्ट कहा था. क्या सबसे लिखित माफी मांगी जायेगी?
अगर ऐसा है, तो फिर केजरीवाल जी को तुरंत इस्तीफा दे कर ‘आप’ पार्टी को विघटित कर देना चाहिए. सत्ता का कमान वापस कांग्रेस एवं भाजपा को सौंप देना चाहिए. जब परंपरागत राजनीतिज्ञों में कोई भ्रष्ट है ही नहीं, तो फिर ‘आप’ का यहां क्या काम?
जंग बहादुर सिंह, इमेल से

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