2018 के मैट्रिक और इंटर की परीक्षा सीसीटीवी की निगरानी में हो रही है, ताकि परीक्षा कदाचार मुक्त हो. पर सिर्फ सीसीटीवी लगवाना कारगर उपाय नहीं है.
काश सरकार जितना सक्रिय सीसीटीवी लगवाने में है, उतना ही सक्रिय सारे स्कूलों में जरूरत के सभी शिक्षकों की नियुक्ति करने में होती, तो शायद सीसीटीवी लगवाने की जरूरत ही नहीं होती.
जब पूरी संख्या में शिक्षक होंगे, तो पढ़ाई भी पूरी होगी. आज शिक्षक की कमी का ऐसा दुष्प्रभाव है कि शिक्षक को पढ़ाने के अलावा सारा काम करना पड़ रहा है. झारखंड के सभी बेरोजगार शिक्षित शिक्षक समूह का सरकार से विनती है कि इस तरह सीसीटीवी लगवा कर शिक्षा के स्तर को सुधारने की कोशिश न करके शिक्षक की नियुक्ति करने में गंभीरता दिखाये.
सुभद्रा कुमारी, चकुलिया
