त्रिपुरा में विचारधारा की जीत है

त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में भाजपा की विजय वास्तव में असाधारण है. वामपंथियों के गढ़ में भगवा पार्टी की विजय केंद्र की सही नीतियों का ही नतीजा है. जैसा कि वहां की जनता ने भाजपा का जनसमर्थन दिया है, वह ऐतिहासिक है. बीते 25 वर्षों से वामपंथी सत्ता की नीतियों से त्रस्त त्रिपुरा की जनता ने […]

त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में भाजपा की विजय वास्तव में असाधारण है. वामपंथियों के गढ़ में भगवा पार्टी की विजय केंद्र की सही नीतियों का ही नतीजा है.
जैसा कि वहां की जनता ने भाजपा का जनसमर्थन दिया है, वह ऐतिहासिक है. बीते 25 वर्षों से वामपंथी सत्ता की नीतियों से त्रस्त त्रिपुरा की जनता ने जिस प्रकार परिवर्तन किया है, ऐसा लगता है जैसे वहां पर भाजपा की जीत नहीं, मानो एक ऐसी विचारधारा की जीत हुई है, जिसमें सभी को साथ लेकर चलने में क्षमता दिखाई है.
पिछले 25 वर्ष से त्रिपुरा की जनता ने वामपंथी सरकार की नीतियों को सहा है. समय आ गया है कि सरकार लोगों को वामपंथी सरकार की सोच से प्रभावित पीड़ित लोगों को न्याय और विकास का अवसर दे. सरकार के ऊपर अब ऐसा दायित्व आ गया है कि वह त्रिपुरा की जनता को विकास और भाईचारे का नया वातावरण मुहैया कराये.
सिद्धार्थ मिश्र, इमेल से

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >