अन्य राज्य भी सीखें

दिल्ली में जिस तरह शिक्षा व्यवस्था में सुधार हुआ है, उससे अन्य राज्यों को भी सीख लेनी चाहिए. सरकारी स्कूलों की स्थिति अमूनन हर राज्यों में एक-सी है. यही कारण है कि ज्यादातर लोग प्राइवेट स्कूलों की ओर रुख कर रहे हैं. चूंकि प्राइवेट स्कूलों में व्यवस्था के साथ-साथ पढाई की ओर विशेष ध्यान दिया […]

दिल्ली में जिस तरह शिक्षा व्यवस्था में सुधार हुआ है, उससे अन्य राज्यों को भी सीख लेनी चाहिए. सरकारी स्कूलों की स्थिति अमूनन हर राज्यों में एक-सी है. यही कारण है कि ज्यादातर लोग प्राइवेट स्कूलों की ओर रुख कर रहे हैं. चूंकि प्राइवेट स्कूलों में व्यवस्था के साथ-साथ पढाई की ओर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. अभिभावक व्यवस्था देखते हैं, इस कारण विद्यालय प्रबंधन का ध्यान इस ओर आकृष्ट रहता है. शिक्षकों को बराबर भय बना रहता है कि ढंग से पढ़ाया नहीं तो नौकरी जा सकती है. जबकि सरकारी स्कूलों में ऐसा नहीं है.

प्राइवेट स्कूलों में कोर्स समाप्त करने का दबाव रहता है. जबकि सरकारी स्कूलों में ठीक इसका उल्टा होता है. शिक्षकों को मारीशस से ट्रेनिंग दी गयी. इंफ्रास्ट्रक्चर में भी सुधार किया गया. समय पर परीक्षा ली जाने लगी. जाहिर-सी बात है कोर्स पूरा करने का दबाव बढने लगा. इसी तरह अन्य राज्यों को भी सुधार लाना होगा. बिहार, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, ओडसा आदि राज्यों में विशेष ध्यान देने की जरूरत है.

अखिलेश श्रीवास्तव, इमेल से

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >