घोटालों पर नकेल लगाएं

देश में आजकल घोटाला करके विदेश भागने की होड़-सी मची हुई है. पहले विजय माल्या, अब नीरव मोदी भी करोड़ों रुपये की चपत लगाकर विदेश जा चुके हैं. ऐसे लोगों पर पार्टियों को राजनीति करने के बजाय उन पर नकेल लगाने की जरूरत है. यह तो विदित है कि इतने रुपये की हेरफेर कोई एक […]

देश में आजकल घोटाला करके विदेश भागने की होड़-सी मची हुई है. पहले विजय माल्या, अब नीरव मोदी भी करोड़ों रुपये की चपत लगाकर विदेश जा चुके हैं. ऐसे लोगों पर पार्टियों को राजनीति करने के बजाय उन पर नकेल लगाने की जरूरत है. यह तो विदित है कि इतने रुपये की हेरफेर कोई एक दिन में कर नहीं सकता. यह हेराफेरी कई वर्षों से चल रही होगी. अब इस पर राजनीति करने के बजाय उन्हें वापस लाने व उन्हें पकड़ने की जरूरत है.
अनेक कंपनियों का सत्ता में अप्रत्यक्ष रूप से हस्तक्षेप होता है और इसकी एक मात्र वजह हमारी चुनाव प्रणाली का अत्यधिक खर्चीला होना है. राजनीतिक पार्टियां चुनाव के वक्त उनसे चंदे लेती हैं और उन्हें फायदे पहुंचाती हैं. अतः अभी सबसे महत्वपूर्ण यह है कि उन पर नकेल लगायी जाये और बैंकों को दिवालिया होने से बचाया जाये.
कन्हाई लाल, रांची

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