आज के समय में धौनी भले ही टीम इंडिया के कप्तान नहीं रहे, फिर भी उनका कैरियर सातवें आसमान पर है.ऐसी स्थिति में आज के युवा के मन में घमंड-अहंकार भर जाता है, पर महेंद्र सिंह धौनी ऐसे व्यक्ति भी हैं, जो आज के ऐसे युवाओं से बिल्कुल अलग हैं. सफलता की बुलंदियों को छूने के बावजूद जमीन से जुड़े रहना कोई इनसे सीखे. वाकई सबका दिल जीतनेवाला व्यक्तित्व है धौनी का.
इसका उदाहरण पिछले दिनों झारखंड में देखने को मिला, जब पूर्व हॉकी खिलाड़ी डुंगडुंग जी आये धौनी के समीप, तो धौनी उनको देखकर फौरन उठ गये और अपनी कुर्सी उनको दे दी. खुद स्टूल पर बैठ गये. शायद ही आज कोई सफल व्यक्ति ऐसा करे. वह स्वाभिमान के कप्तान हैं. आज की युवा पीढ़ी धौनी से सीखे. धौनी अनुशासन में रहना सिखाते हैं, स्वाभिमान सिखाते हैं, बड़ों काे सम्मान व आदर देना करना सिखाते हैं. वाकई धौनी करिश्माई इनसान हैं.
पालुराम हेमब्रम, सालगझारी
