पाक फिर भी नापाक ही रहेगा

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का पाकिस्तान को आतंकियों का पनाहगार कह कर आर्थिक मदद देने से इनकार करना स्वागतयोग्य कदम है. भले ही यह कदम देर से उठाया गया हो, फिर भी पाकिस्तान के लिए एक सबक तो है ही. अमेरिका ने पाकिस्तान को ऐसा तगड़ा झटका दिया है जिससे वह पूरी तरह बौखला गया है. […]

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का पाकिस्तान को आतंकियों का पनाहगार कह कर आर्थिक मदद देने से इनकार करना स्वागतयोग्य कदम है. भले ही यह कदम देर से उठाया गया हो, फिर भी पाकिस्तान के लिए एक सबक तो है ही.
अमेरिका ने पाकिस्तान को ऐसा तगड़ा झटका दिया है जिससे वह पूरी तरह बौखला गया है. चूंकि पाक आतंकवाद की नर्सरी है, लिहाजा वह अपनी नापाक हरकतों से कभी बाज नहीं आने वाला है. ट्रंप के चेताने के बावजूद भी पड़ोसी मुल्क हक्कानी नेटवर्क सरीखे आतंकी संगठनों को पनाह देकर अफगानिस्तान में अशांति फैलाने वाले तत्वों को बिना रुके उकसाता रहा है.
भारत भी सीमा पार से होनेवाले आतंकवाद के मुद्दे को समय-समय पर विश्व पटल पर उठाता रहा है. अमेरिका को भी इस बात पर यकीन हो गया है कि पाकिस्तान छल- कपट कर पैसे हासिल करता रहा है और अंदर से आतंकवाद का समर्थन करता रहा है.
नीरज मानिकटाहला, इमेल से

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